⚖️ Odisha High Court के आदेश से मज़बूत हुआ Armed Forces का Lateral Induction मॉडल भुवनेश्वर।भारतीय सशस्त्र बलों के कार्मिकों—चाहे वे JCO, NCO, OR हों या Agniveer—के लिए सेवानिवृत्ति के बाद बेरोज़गारी की आशंका अब बीते दिनों की बात बनती जा रही है। केंद्र सरकार की वर्षों पुरानी Lateral Induction of Armed Forces Personnel नीति को हाल ही में Odisha High Court के महत्वपूर्ण आदेश से नई कानूनी मजबूती मिली है, जिससे सैन्य सेवा के अंतिम चरण में ही सम्मानजनक नागरिक रोजगार का रास्ता साफ हुआ है ⚖️🇮🇳🔹 क्या है Lateral Induction?Lateral Induction के तहत सशस्त्र बलों के वे Ex-Servicemen जो सवानिबृत हो चुके हैं और उनका आयु 56 वर्स से कम है और Serving Person (Officer to Agniveer) कार्मिक जो सेवा के अंतिम एक वर्ष में हैं, उन्हें केंद्र सरकार के मंत्रालयों, स्वायत्त संस्थानों, सार्वजनिक उपक्रमों एवं अन्य सरकारी निकायों में deputation-cum-re-employment के आधार पर नियुक्त किया जाता है। इसका उद्देश्य सैनिक से नागरिक जीवन में संक्रमण को बिना बेरोज़गारी के सुनिश्चित करना है।🔹 Sub Major से Agniveer तक—सभी को समान अवसरयह नीति केवल वरिष्ठ अधिकारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि:🎖️ Ex-Servicemen🔰 Serving JCO, NCO & Agniveer (सेवा अवधि पूर्ण करने के बाद)सभी पर लागू होती है, बशर्ते निर्धारित योग्यता एवं अनुभव उपलब्ध हो।केस करें Apply : click here ⚖️ Odisha High Court का निर्णायक हस्तक्षेपOdisha High Court, Priyadarsan Pradhan बनाम Union of India (WP(C) No. 1388 of 2022, निर्णय दिनांक 20.03.2023) में स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि DoPT को यह सुनिश्चित करना होगा कि Lateral Induction Scheme का समान, सुसंगत और गैर-भेदभावपूर्ण पालन किया जाए।न्यायालय ने यह भी माना कि सशस्त्र बलों के कार्मिकों को उनकी सेवा के अंतिम वर्ष में deputation / re-employment से वंचित करना नीतिगत आदेशों का उल्लंघन है और इससे उनके वैधानिक अधिकार प्रभावित होते हैं।📜 संवैधानिक और नीतिगत आधारLateral Induction कोई नई या अस्थायी योजना नहीं है। यह आधारित है:📘 Estimates Committee (1980–81), संसद📗 High Level Committee on Problems of Ex-Servicemen (1984)की सिफारिशों पर, औरDoPT द्वारा 1985, 1986, 1989, 2010 और 2022 में बार-बार अधिसूचित की गई है।इन नीतियों का उद्देश्य स्पष्ट है—👉 “सेवा के बाद बेरोज़गारी नहीं, बल्कि सम्मानजनक निरंतर रोजगार।”🧠 नागरिक प्रशासन को मिलेगा सैन्य अनुशासनसशस्त्र बलों से आने वाले कार्मिक अपने साथ लाते हैं:अनुशासन और नेतृत्व 🧭प्रशासनिक एवं प्रबंधन अनुभव 📊संकट प्रबंधन क्षमता 🚨जिससे नागरिक प्रशासन और सरकारी संस्थान अधिक कुशल और उत्तरदायी बनते हैं।🚀 अब चुनौती—नीति का ईमानदार कार्यान्वयनविशेषज्ञों का मानना है कि यदि सभी मंत्रालय, विभाग और स्वायत्त संस्थान DoPT के Lateral Induction निर्देशों को अक्षरशः लागू करें, तो:सैनिकों की बेरोज़गारी पूरी तरह समाप्त हो सकती हैसरकार को अनुभवी मानव संसाधन मिलेगाSkill India और Atmanirbhar Bharat को वास्तविक मजबूती मिलेगी 🇮🇳🏁 निष्कर्षSub Major से Agniveer तक—अब कोई भी बेरोज़गार नहीं रहेगा,क्योंकि Lateral Induction of Armed Forces Personnel केवल नीति नहीं, बल्कि अब न्यायालय द्वारा समर्थित अधिकार बन चुका है।ज़रूरत है तो बस—सरकारी आदेशों के निष्पक्ष और समान क्रियान्वयन की।Share this: Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading...RelatedDiscover more from MILITARY INFOSubscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation✊ पहली बार Hony Commissioned Officer ने किया Group X Pay का दावा – अब Army Education Instructor भी मांगे Air Force जैसी Salary!